कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन फाउंडेशन यू एस ने अररिया जिला को बाल विवाह मुक्त बनाने की जिम्मेदारी जागरण कल्याण भारती फारबिसगंज को दी है जागरण कल्याण भारती फारबिसगंज के द्वारा म ई 2023 से अररिया जिला के पांच प्रखंड सिकटी, कुसांकाटा, फारबिसगंज, नरपतगंज एवं अररिया के कुल 51 गाँव, पंचायत, नगर परिषद जोगबनी मे बाल विवाह मुक्त, बाल श्रम मुक्त, बाल यौनशोषण मुक्त, एवं मानव तस्करी मुक्त बनाने के लिए जनमानस को जागरूक के साथ प्रखंड स्तरीय प्रशिक्षण, पंचायत स्तरीय प्रशिक्षण, जिला स्तरीय बैठक कर जन मानस को जागरूक किया जा रहा हैं 
आगामी सोमवार को अररिया जिला को बाल विवाह मुक्त बनाने हेतू दिनांक 16 अक्टूबर 23 की शाम कुल 113 गाँव, पंचायत , प्रखंड मुख्यालय मे दीप / मोमबत्ती जलाकर अररिया जिला वासी बाल विवाह के खिलाफ लेगें संकल्प, युद्व स्तर पर जागरण कल्याण भारती फारबिसगंज के डी सी, CSW , स्वमसेवकों के द्वारा बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के सफलता हेतू जनसंपर्क कर रही है।
जागरण कल्याण भारती फारबिसगंज के अध्यक्ष संजय कुमार ने प्रेस को बताया कि कुल 113 स्थानो पर दिनांक 16.10.23 को आयोजित कार्यक्रम में जनमानस, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक पदाधिकारी की भागीदारी होगी, इस अभियान हेतु 52 , 56 एस एस बी गृह मंत्रालय भारत सरकार, रेलवे पुलिस बल कटिहार मंडल भारत सरकार,जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अररिया, जिला पुलिस अररिया एवं जिला प्रशासन अररिया का भरपूर सहयोग मिल रहा है, और जिला पदाधिकारी अररिया एवं पुलिस अधीक्षक अररिया के नेतृत्व में अररिया जिला वासियों को शपथ भी दिलाया गया है।
संजय कुमार ने अररिया जिला वासियों से आने वाले आगामी सोमवार को अररिया जिला को बाल विवाह मुक्त बनाने हेतू दिनांक 16 अक्टूबर 23 की शाम पांच बजे अपने अपने घरों में मोमबत्ती जलाकर बाल विवाह मुक्त भारत अभियान क्रार्यक्रम को सफल बनाने का अपील किया और अनुरोध किया है कि आप जहाँ रहे वही से शपथ लेकर एक फोटो watshop no 9470023344 पर नाम, स्थान का नाम लिखें
कुमार ने बताया कि भारत के कुल 300 जिला मे बाल विवाह मुक्त भारत अभियान क्रार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
बाल विवाह मुक्त भारत अभियान मेरे लिए यह सुनिश्चित करने का ताकतवर माध्यम है कि मेरे समुदाय में बाल विवाह के अन्याय का शिकार होकर किसी बच्ची का भविष्य बर्बाद नहीं होने पाए। मेरी बेटी, मेरी नातिन या मेरे गांव की किसी भी लड़की का स्कूल जाना क्यों बंद होना चाहिए? क्यों कोई बच्ची कम उम्र में जब उसका शरीर इसके लिए विकसित नहीं हो पाया है, गर्भवती होकर अपने जीवन को खतरे में डाले? हमारे बच्चों को स्कूलों की जरूरत है, बच्चे पैदा करने की नहीं।
भारत में बहुत कड़े कानून हैं। बाल विवाह कानूनन अपराध है और स्कूल जाना हर बच्चे का अधिकार है। लेकिन इन कानूनों का कोई मोल नहीं है जब तक कि इन पर अमल नहीं हो और तब तो ये बिलकुल ही निरर्थक हैं जब लोगों को इन कानूनों के बारे में पता ही नहीं हो। बाल विवाह मुक्त भारत अभियान जमीनी स्तर पर हालात बदल रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा लड़कियां स्कूल जाएं न कि कम उम्र में विवाह करके ससुराल जाएं।





























