अनुमंडलीय व्यवहार न्ययालय परिसर में आयोजित एडवोकेट एसोसिएशन के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में संघ के नव निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री राहुल रंजन ने कहा कि समाज जब मान सम्मान देता है तो जिम्मेदारी बढ़ जाती है। अधिवक्ताओं ने समाज को अलग दिशा दी है और समाज मे परिवर्तन लाने का कार्य किया है। श्री राहुल रंजन ने सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यहां के वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने जो प्रेरणा दी वह परम्परा यहां जारी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिदृश्य, तकनीक के साथ अपने को जोड़कर लगातार अपडेट करते हुए कार्य को करना है।
अधिवक्ताओं के सहयोग के लिए हमेशा तत्पर रहने की बात कही। उन्होंने कहा कि एक अधिवक्ता कभी हारता नहीं । हर परिस्थिति उसकी जीत होती है।
अगर वह केस जीत गया तो यह आदर्श स्थिति है। अगर केस हार गया और पक्षकार का दिल जीत लिया तो भी बड़ी संतुष्टि की बात है कि पक्षकार ने यह मान लिया कि उसके वकील ने पूरी मेहनत की थी। केस कमजोर था इसलिए हार गए। इसके अलावा अगर केस भी हार गया और पक्षकार का विश्वास जितने में सफल नहीं रहा मगर न्यायाधीश उनके पैरवी से संतुष्ट और खुश हैं तो यह भी अधिवक्ता की जीत है। न्यायाधीश यह जरूर देखते हैं कि अधिवक्ता किसी केस को कितना लगन से लड़ता है। उन्होंने अधिवक्ताओं को सफलता के लिए नियमित अध्ययन करने की सलाह दी।
इसके साथ विधिक सेवा के माध्यम से समाज के पिछड़े वंचित लोगों को जागरूक करने का कार्य कर रहें है जो प्रशंसनीय है। इस अवसर समाजसेवी मनोज जयसवाल ने नव निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि लोगों को न्याय दिलाने में अधिवक्ता की अहम भूमिका रहती है। इसलिए जरूरी है कि आम जनता को सुलभ न्याय मिल सके इसके लिए कार्य किए जाएं। इस अवसर पर एडवोकेट एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अनिल सिन्हा, तरुण सिन्हा, राहुल रंजन, रविन्द्र कुमार, अरबिंद कंठ, सुनील कुमार, शिवानन्द मेहता, विश्वजीत प्रसाद, सुरेश प्रसाद साह, युक्तिनाथ झा, आनंद प्रकाश, सुमन मिश्रा, राजेश वर्मा, सुमन मिश्रा, विभूतकान्त झा, राजेश दास, फूलचन्द यादव, नूरी खातून, सहित विभिन्न न्याय से जुड़े कर्मी एवं बड़ी संख्या में अधिवक्तागण उपस्थित थे।





























